कल है तुम्हारा जन्मदिन
साल का सबसे पहला वोही दिन
दिन आज फिर कुछ अलग है
साए में तुम्हारे यह अब है
दिख्ता है अब तुम सा यह दिन
कल है तुम्हारा जन्मदिन
चरों तरफ हैं साए,
टूटी आवाजें हमारी
दूरी तो है मगर बस अब
थोड़े कदम पे है आज़ादी
शिकवे है कितने जो बरसे
अरमान वोही जिन के लिए तरसे
तुम कहो अब मिलें तुमसे आके
बाकी कहाँ है ज़िन्दगी तुम बिन
मर जायें अगर तो भी अधूरे
बातें बाकी और तारे भी साए
मौत की भी कहानी है
मर मर के डरते
कर कर के भरते
लड़ते और अड़ते
तुम ही से बनते और
तुम पर ही बिगड़ते
लड़ते और अड़ते
तुम ही से बनते और
तुम पर ही बिगड़ते
बस तुम्ही हो अब
तसवीरें कुछ उन यारों की
तेरे मेरे सारों की
करवटों लेती एक्रारों की
जिनसे मिलना अभी बाकी है
उन बचपन के व्यापारों की
खो दिए जो तेरे पल मैंने
उसके आंसुओं के धारों की
मर मर के अब न मिट पाएंगे
तुम्हे खो देंगे, सो जायेंगे
उस नींद से अब सुबह होगी
जहाँ जागेंगे तेरे चेहरे पे
